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घंटी(bell)

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ghanti

4 comments:

संजय भास्कर said...

Wahh Bhai Wahh Maan Gaye Dheeraj ji Appki Photography..

Suman said...

nice

हिमांशु । Himanshu said...

आकाश मे टंगी घंटी और नीले आकाश का विस्तार .
और घंटी की ध्वनि की गूंज का विस्तार ..
निरख रहा हूँ बहुत कुछ..पर्वतमाला का विस्तार भी..
चित्र सुन्दर

हेमन्त कुमार said...

क्या जीवन्त चित्र लिया है आपने !
घंटी की टंकार को पर्वत से आ टकरा अन्तर्मन में अनुभव कर रहा हूं ..!
अत्यन्त आकर्षक चित्र...!
आभार

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