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Sunday, July 12, 2009

मदार



मन्द मदार की मन्द बयार चली आज मन्दाकनी से ।

Tuesday, July 7, 2009

फूलों की बहार

बारिश की बुदों ने

फूलो मे बहार लाने का मौसम दिया

तो फूल भी झुम उठे

आज तो मौका था

इतराने का उन्हे भी

तब कलियाँ भी मुस्कराने लगी

और कही चलो आज

मौसम की बहारो मजा ले

Saturday, July 4, 2009

फुल



आज बहुत दिनो के बाद बरखा आयी
बरखा आयी तो हम भी ईठलाये
पानी के बुदों ने हमे झुमना बताया
पानी के बुदों ने हमे ईतराना बताया
आज मन ने कहा कि
चलो आज हम भी बहक जाये
कि
आज बहुत दिनो के बाद बरखा आयी