

आज सारी दुनियाँ परमाणु प्रसार और परमाणु हथियार के जखीरे जुटाने मे लगी है और दुसरे विकासशील देश उसकी दौड मे शामिल है । जिस परमाणु बम का जखीरे जुटाने मे लगे है उसका भयानक रुप हमे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी मे देखने को मिला। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिरोशिमा और नागासाकी मे ६ अगस्त और ९ अगस्त, 1945 को अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी एस ट्रूमैन के कार्यकारी आदेश में संयुक्त राज्य अमेरिका ने जापान के खिलाफ परमाणु बम से हमला करने का आदेश दिया गया था। जिस परमाणु बम का इस्तेमाल किया गया था उसे अमेरिकी छोटा बालक कहते थे । यह हमला सुबह ८ बजकर १५ मिनट पर गिराया गया था। जिसमे लगभग डेढ लाख लोग मारे गये थे और अनुमानित ८० हजार हताह्त हुये थे। जो मानव इतिहास की सबसे बडी त्रासदी थी जिसमे लाखो लोगो की जान गयी थी । जिस परमाणु बम का उपयोग किया गया था उसका नाम ‘फैट मैन था। परमाणु बम निकले विकिरण ने बहुत समय तक लोग त्वचा के रोग, कैन्सर आदि रोगो ने लोगो को प्रभावित किया था । आज भी कही न कही उसका प्रभाव देखने को मिल जाता है ।
आज पुरी दुनिया से यही गुजारिश होनी चाहिये की हिरोशिमा और नागासाकी जैसा कोई शहर फिर न बर्बाद हो । आज परमाणु का उपयोग शान्ति के लिये चाहिये न कि बर्बादी के लिये ।