बचपन का मौजपन
दुनिया से बेखबर
लडकपन का जोश
अपनी उमंगो की रवानी
युवा होने की खुमारी
लोगो से आगे निकलने का जोश
प्रौढ होने पर
अपनी और लोगो की जिम्मेदारी
बुढापा , लोगो का ताना
इच्छा मर जाने की
पर
मृत्यु भी न आयी बुलाने पर
आये तो महाकाल
थके हारे शरीर को लेने
मृत्यु का सत्य बताने ।