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Monday, July 6, 2009

रोशनी का जुगाड़

kal kee post

कल रात मै अपने कस्बे मे घुमने निकला तो मेरी नजर अचानक एक नाई के दुकान पर पडी जो बडी़ शिद्द्त से एक व्यक्ति के बाल की कटिंग कर रहा था लेकिन वहाँ सबसे बडी महत्वपुर्ण बात थी रोशनी का जुगाड । वह दो मोमबत्ती जलाये हुआ था । वह एक मोमबत्ती को मुह मे दबाये हुये था तो दुसरी डेस्क पर , हमारे यहाँ बिजली तो आती है लेकिन कब चली जायेगी इसका कोई ठीक नही है, तब तो जाहिर सी बात लोगो को रोशनी का जुगाड किसी न किसी तरह से तो करना पडेगा।