Friday, July 31, 2009

बचपन



बालपन गुजारा माँ की गोद में
अपनी थी मौज बचपन मे ,
नादानीयो का पिटारा था बचपन
हर तरफ थी मौज ही मौज
न किसी से गीला था
न किसी से शिकवा - शिकायत
अपनी थी मौज बचपन मे ,
दिन बीतता था दोस्तो के संग
माँ की डाट भी उड जाती थी मौज मे
यारो के संग दोपहर मे बगीचे मे खेलना
अपनी थी मौज बचपन मे ।

Thursday, July 30, 2009

पहली किरण


भोर की पहली किरण
लायी नयी किरणो का सबेरा
नयी किरण लायी जिन्दगी मे उजाला
उजाले ने फैलाया मन मे उल्लास
उल्लास ने जगाया हौसला
हौसले ने बनायी तकदीर
तकदीर ने सवारा हमे।

Wednesday, July 29, 2009

माँ की ममता


माँ की ममता देखी धुप - छाँव मे