Monday, November 9, 2009

अंधाधुंध




अंधाधुंध हो रहे है साफ

कास-कूस, झाड-फूस

हो रहा महसूस, प्रधान जी है खुश


जनता हो रही है नाखुश

जहाँ हो रहा है शोषण

जहाँ केवल मिलता है दोष

फिर भी वहाँ है जाते लोग

मिलता है काम केवल अपनो को

वह है नाम नरेगा...

Sunday, November 8, 2009

धुधंली शाम



धुधंली शाम मे बैठे चार जन
तन से थे निराश , मन से भी निराश
उम्र ने भी छोड दिया था साथ
कभी उनकी भी थी आन-बान
कभी समय दौड्ता था साथ
आज समय ने भी छोड दिया साथ
कभी आगे-पीछे थी लोगो की फौज
आज के केवल चार जन
बैठे ....

Saturday, November 7, 2009

LIFE



Life - A beautiful Thinghs of Nature.

Thursday, November 5, 2009

दिलजला



दिल जला
मानों आत्मा जली
हलचल हुयी
दिलो दिमाग में
कुछ खोया-खोया सा लगा
मन न तो यहाँ है
न वहाँ नही
अपने तो छोड चले
बेगानो को क्या कहे
हम तो न चाहते थे छोडना
वे साथ छोड चले
वे कहते है कि हम दिलजले है......



Tuesday, November 3, 2009

देव दिवाली - देव आराधना









देव दिवाली - देव आराधना
देवो की आराधना आज हमारे कसबे के घाट पर हुयी , वहाँ के कुछ चित्र