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Saturday, August 1, 2009

नजारे


आज हसीन शाम थी
नजारे भी हसीन थे
मय भी था, मयखाना भी
सारे मदहोश थे
कोई गम मे था
कोई खुशी मे
सारे पीये जा रहे थे
इस जश्न मे सबके हाथ मे थे प्याले
आज सभी थे मतवाले
इस हसीन शाम मे ।