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Wednesday, October 28, 2009

मूसाफिर हु यारो



मुसाफिर हु यारो, बस चलना है काम , न घर है ना ठिकाना,
जहाँ रात हुयी वही ठिकाना, जो बोले मीठे बोल वही है याराना,
मुसाफिर हु यारो, बस चलना है काम