प्यार और दुलार का बन्धन है रक्षाबंधन का त्योहार । इस दिन बहने भाई के कलाई पर राखी बांध कर उनकी लम्बी आयु और अपनी रक्षा की कामना करती है । यह त्योहार श्रावण मास के पुर्णिमा को मनाया जाता है ।
राखी का त्योहार एक व्यापक महत्व के रूप में दुनिया भर में भाई और बहन के अटुट रिश्तो के महत्व को बतलाता है और एक साथ एक छत के नीचे के परिवार के सदस्यों को लाने ले लिया है. राखी भाइयों और बहनों के बीच प्यार के लिए, प्यार का बंधन है है. यह त्यौहार भारत में बहुत महत्व रखता है. राखी भाइयों और बहनों के बीच प्यार के बंधन को मजबूत करता है
इतिहासवेत्ताओ के अनुसार - चित्तौण की महारानी कर्मावती ने दुश्मनो से आपनी रक्षा के लिये मुगल शासक हूमायुँ को राखी भेजा था और हुमायुँ ने उसे स्वीकार कर उनकी रक्षा की थी।
पुराणो मे राखी के धागे बाधते समय बहन भाई के माथे पर रोरी का तिलक लगा कर इस मन्त्र का उच्चारण करती है -
येन बध्दो बली राजा दान्वेंद्रो महाबली: ।
तेन त्वां प्रतिबध्नामि रक्षा माचल माचल ।।
सच तो यह है कि राखी रक्षा कवच के समान है ।