Search This Blog

Sunday, August 23, 2009

अकेला मन


मन था आज अकेला
चला आज दूर तक
मन को बाधे
क्यो कि
आज मन था
बहका बहका
मन तोड़ चला
सारे बंधन
उड़ने लगा आज
मन
छुने की तमन्ना थी
आज सारा आकाश
मन तोड़ चला
सारे बंधन